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मौजूद ग्राम प्रधान के पतिं सहित नाबालिक पुत्रो ने लिया सरकारी आवास का लाभ
👉विकास खण्ड एलिया की ग्राम पंचायत सेमौरा का है मामला
👉पूर्व में भी सरकारी धन के गबन के कई मामले में लग चुके है आरोप
(युगाधार समाचार)
सीतापुर-सरकार की मन्सा है कि हर उस पात्र व्यक्ति जिसके पास अपना घर नही है उसे सरकारी आवास उपलब्ध कराया जाय वही जनपद सीतापुर के विकास खण्ड एलिया की ग्राम पंचायत सेमौरा की महिला प्रधान अल्पना राज के पति बलवन्त प्रसाद द्वारा पूर्व में स्वयं का इन्दिरा आवास फर्जी से प्राप्त किया व अपने अविवाहित नाबालिक दोनों पुत्रो रावेन्द्र प्रताप व सोवेन्द्र प्रताप को अवास दिया गया जिसकी जाँच कराये जाने के सम्बंध में सोनेलाल पुत्र उमराव लाल ग्राम सेमौरा मजरा भनवापुर ब्लाक ऐलिया सहित आधा दर्जन ग्रामवासियों ने जिलाधिकारी व मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेज कर जाँच कराए जाने व सवैधानिक पद पर अपने परिजनों को निजी लाभ देने व आवास की धनराशि की वसूली लिए जाने की मांग की है ।
अपने दिए गए प्रार्थना पत्र में ग्रामवासियों ने आरोप लगाया है कि विकास खण्ड एलिया की ग्राम पंचायत सेमौरा की वर्तमान ग्राम प्रधान के पति बलवन्त प्रसाद जो कि पूर्व में समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की अपनेव निकटतम ग्रामों में दलाली का कार्य करते थे उनके द्वारा फर्जी तरीके से ID संख्या UP29006064002/24340 द्वारा इन्दिरा आवास ले लिया इतना ही नही वित्तीय वर्ष 2015-16 में अपनी पत्नी अल्पना राज के कार्यकाल में अपने अविवाहित दो पुत्रो को ID संख्या UP 29006064002/24232 पर सोवेन्द्र प्रताप पुत्र बलवन्त प्रसाद अविवाहित व नाबालिक पुत्र व ID संख्या UP29006064002/24217 पर रावेन्द्र प्रताप पुत्र बलवन्त प्रसाद को दिया गया जबकि दोनों पुत्र संयुक्त परिवार में साथ-साथ रहते थे। ग्राम प्रधान का पूर्व से ही पक्का मकान बना हुआ था। जबकि दोनों पुत्रो में बडे पुत्र रामेन्द्र प्रताप की शादी वर्ष 2020 में व छोटे पुत्र की शादी 2025 में हुई। प्रधानपति बलवन्त प्रसाद द्वारा अपनी ग्राम पंचायत में मृतक अनुदान, शादी अनुदान पेंशन आदि में आधार कार्डों में फर्जी आयु का संशोधन करा करके अपात्रों को योजनाओं का लाभ दिलाने का कार्य किया जा रहा हैं।
अतः श्रीमान जी से विनम्र अनुरोध हैं कि ग्राम प्रधान स्वयं व अपने नाबालिक/अविविाहित पुत्रो को आवास प्राप्त करके शासन की धनराशि का शोषण किया गया हैं उपरोक्त आवासो की धनराशि प्राप्त दिवस से ब्याज सहित वसूली कराये जाने की कृपा करे।
वैसे देखा जाय तो उक्त ग्राम प्रधान व उसके पति का सरकारी धन के गबन का पुराना नाता है सूत्र बताते है कि पूर्व के कार्यकाल में लगभग 150 शौचालय को पूर्ण दिखाकर पैसा निकाल लिया गया जिसका जमीनी स्तर पर कोई आता पता नही है ।वही सरकारी इण्डिया मार्का नल के रिबोर व सरकारी खडंजे को उखाड़ कर अपने निजी कार्य मे प्रयोग किया गया है जिसका प्रकाशन युगाधार समाचार पत्र में प्रमुखता से किया गया था ।
वही सूत्र तो यहां तक बताते है कि ग्रामपंचायत में बने सामुदायिक शौचालय की केयर टेकर मौजूदा प्रधान की बहू ही है जबकि यह गलत है।
अब देखना है कि जिले के ईमानदार जिलाधिकारी उक्त समस्त प्रकरणों की जांच कराते है या नही ।यदि निष्पक्ष तरीके से जाँच हो गई तो प्रधान का जेल जाना तय है।












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