हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष पर बहराइच बना राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों, साहित्यकारों और समाजसेवियों का संगम

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हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष पर बहराइच बना राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों, साहित्यकारों और समाजसेवियों का संगम

(युगाधार समाचार)

बहराइच। हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली 200 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार एसोसिएशन, बहराइच के तत्वावधान में स्थानीय सी.आर. रिसॉर्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह ऐतिहासिक, भव्य एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। भारत और पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से पधारे पत्रकारों, साहित्यकारों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों तथा बुद्धिजीवियों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊँचाई प्रदान की। कार्यक्रम की अध्यक्षता नेपाल के वरिष्ठ पत्रकार एवं प्रेस काउंसिल ऑफ नेपाल के पूर्व सदस्य पूर्ण लाल चुके ने की।

मुख्य अतिथि सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड ने हिंदी पत्रकारिता की दो शताब्दियों की गौरवगाथा का स्मरण करते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों के संप्रेषण का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक, शिक्षित और सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक शक्ति है।

अति विशिष्ट अतिथि एवं पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होना केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि सत्य, निष्पक्षता, साहस और जनसेवा की उस गौरवशाली परंपरा का उत्सव है जिसने समाज और राष्ट्र को नई दिशा प्रदान की है।

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कार्यक्रम के उद्घाटक एवं प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व सदस्य रज़ा हुसैन रिज़वी, अंतरराष्ट्रीय अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सिराज खान, डॉ. डक्ट प्रसाद धिताल, सविता चंद ठकुरी सहित सभी वक्ताओं ने पत्रकारों को शुभकामनाएं देते हुए लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए सकारात्मक, रचनात्मक और जनपक्षधर पत्रकारिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में देश-विदेश से आए पत्रकारों, समाजसेवियों, कवियों, शायरों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को अंगवस्त्र, स्मृति-चिह्न, प्रशस्ति-पत्र एवं हाथ घड़ियां भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान सभागार बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।

इस भव्य आयोजन पर पूर्व मंत्री एवं नगर विधायक श्रीमती अनुपमा जायसवाल के प्रतिनिधि अशोक जायसवाल, एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, नानपारा विधायक राम निवास वर्मा, नगर पालिका परिषद बहराइच अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम करण टेकड़ीवाल, जिले के वरिष्ठ सर्जन डॉ0 एम0 एम0 अर्शी , जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव, पूर्व डीआईजी जुगुल किशोर तिवारी, सालिग राम वर्मा, पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष हाजी रेहान खां आढ़ती, वरिष्ठ समाजसेवी योगेंद्र मणि त्रिपाठी, समाजवादी चिंतक डॉ. राधेश्याम वर्मा, जमील अहमद फारूकी एडवोकेट, अनिल त्रिपाठी, सिद्धनाथ श्रीवास्तव एडवोकेट, व्यापार मंडल नगराध्यक्ष दीपक सोनी दाऊ जी, व्यापारी नेता सुनील बंसल, सुनील गांधी, किसान पी.जी. कॉलेज के सचिव मेजर डॉ. एस.पी. सिंह तथा वरिष्ठ समाजसेवी अनिल प्रधान ने आयोजन की सराहना करते हुए आयोजकों एवं विभिन्न जनपदों से आए पत्रकारों को शुभकामनाएं प्रदान कीं।

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कार्यक्रम के सफल आयोजन में एसोसिएशन के मंडलाध्यक्ष शादाब हुसैन, जिलाध्यक्ष आनंद प्रकाश गुप्ता, अनवार खां ‘मोनू’, संयोजक के.के. सक्सेना, सीताराम गुप्ता, रियाज अहमद, सचिन श्रीवास्तव तथा अवांकित श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कार्यक्रम में साहित्य की सरिता भी अविरल रूप से प्रवाहित हुई। देश के प्रसिद्ध जनकवि अदम गोंडवी के उत्तराधिकारी दिलीप गोंडवी, डॉ. दिनेश त्रिपाठी ‘शम्स’, पी.के. प्रचंड, रईस सिद्दीकी, सैय्यद सगीर आबिद रिज़वी, अमर सिंह विसेन तथा डॉ. मुमताज शीरीन ने अपनी सशक्त कविताओं और शायरी के माध्यम से सामाजिक सरोकारों, मानवीय संवेदनाओं और समकालीन यथार्थ को स्वर दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भाव-विभोर करने के साथ-साथ गुदगुदाने पर भी मजबूर कर दिया।

कार्यक्रम में जनपद के वरिष्ठ पत्रकार हेमंत मिश्रा, विपिन अग्रवाल, एस.एम.एस. जैदी, मनीष मल्होत्रा, शारिक रईस, कमाल नजीब, संजय अवस्थी, अजीम मिर्जा, उमाकांत शुक्ला, महेश गुप्ता, अजय त्रिपाठी, जय चंद सोनी, महेंद्र मिश्रा, रामगोपाल गुप्ता, आफताब वारसी, हरगोविंद पांडेय, अनुराग गुप्ता, नूर आलम वारसी, अजमल शाह, अब्दुल मजीद खां, पंकज जायसवाल, खालिद खान, रमेश गुप्ता, मानस यज्ञसैनी, सैय्यद नसीम अहमद रिज़वी, गुलशन अवस्थी, दिनेश शर्मा, विमल श्रीवास्तव, शैलेश शर्मा, रितेश मलिक, जितेंद्र बहादुर श्रीवास्तव, इरशाद अली, मो. इमरान, जगत मालिक, मो. सलीम, आज़ाद खां, अब्दुल कादिर खां, असलम खां, अहमद हुसैन, सरफराज सिद्दीकी, वसीम हसन रज़ा सहित बड़ी संख्या में पत्रकार, साहित्यकार एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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हिंदी पत्रकारिता के द्विशताब्दी वर्ष पर आयोजित यह समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि पत्रकारिता की गौरवशाली परंपरा, लोकतांत्रिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और साहित्यिक चेतना का उत्सव बनकर उभरा। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि बदलते समय में भी सत्य, निष्पक्षता और जनहित की पत्रकारिता ही समाज और लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति है।

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