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जवाहरपुर चीनी मिल ने किया मरघट की जमीन पर अवैध कब्जा
👉किसान नेता बोले- मिल के दोषी अधिकारियों पर दर्ज हो केस
(युगाधार समाचार)
सीतापुर-हमेशा से दुर्घटनाओं व विवादों में रहने वाली डालमिया चीनी मिल जवाहरपुर जो फिर से एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही है ।
फैक्ट्री के जिम्मेदार अधिकारी सरकारी जमीनों के साथ साथ मरघट की जमीनों पर कब्जा कर अपने मिल का दायरा बढ़ाने में जुटे हुए है।
विगत दिवस ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है और किसान मंच ने इस मसले पर एक ज्ञापन सीएम को भेजा है और कार्यवाही की मांग करते हुए कहा गया है कि चीनी मिल द्वारा सरकारी जमीन पर हुए कब्जे को तत्काल हटाया जाये वरना मंच आर पार की लड़ाई लड़ने के लिये बाध्य होगा। हलांकि शासन स्तर से आदेश भी पाये है जो इस समय विचाराधीन पड़े हुए है उधर क्षेत्र के लोग आक्रोषित है
अधिकारियों के आश्वासन पर रूका हुआ है।
अधिकारी लगातार क्षेत्र की जनता को समझा रहे है कि आदेश आ चुका है जांच की जा रही है जांच में अगर मिल के अधिकारी दोषी पाये जाते है तो उन पर कार्यवाही होगी और कब्जे की जमीन को भी कब्जे से मुक्त कराया जायेगा। इस बिनाह पर क्षेत्र के लोग आक्रोषित तो है लेकिन शान्त बैठे हुए है।
डामिलया फैक्ट्री प्रदेश की ही नही बल्कि देश की जानी मानी कम्पनियों में से एक है। इतनी बड़ी फैक्ट्री शवों के जलाने हेतु तैयार किये गये मरघट पर भी कब्जा कर लिया है अगर ऐसा हुआ है तो मिल के जिन अधिकारियों द्वारा इस तरह का कार्य किया है उनके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित होनी चाहिए।
चीनी मिलकर्मचारियों पर आरोप लगाया जा रहा है कि सरकारी जमीन के साथ ही मिल अधिकारियों ने मरघट की जमीन पर कब्जा कर लिया है जिससे अब शवों बा का अंतिम संस्कार करने में लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस सम्बन्ध में क्षेत्रीय लेखपाल ने बताया कि शासन ने विनमय प्रक्रिया का आदेश दिया है। कार्यवाही चल रही है विनमय का कार्य लम्बित प्रक्रिया में है जो जल्द ही पूर्ण कर कार्यवाही के लिये अधिकारियों को भेज दिया जायेगा।












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