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आखिर भ्रष्टाचारी कमालू पर क्यों मेहरबान है अधिशाषी अभियंता महमूदाबाद
(युगाधार समाचार )
सीतापुर-जनपद सीतापुर के विजली विभाग का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश मे आया है जिस लाइनमेन जिस पर विभाग का लाखों रूपये का चूना लगाने का आरोप सिद्ध होने पर सन 2021 मे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था आज फिर वही लाइनमेन विभाग के आलाधिकारियो की मदद से पुनः विभाग मे प्राइवेट तौर पर कार्य कर रहा है तथा अवैध वसूली को अंजाम दे रहा है.!बाउजूद इसके सब जानते हुए भी अधिकारी अनजान बने हुए है!
बताते चलें कि कमालू पुत्र श्री जलालु विद्युत उप केंद्र रेउसा में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे इनके द्वारा विभाग को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाते हुए मार्च 2020 में मियां पुरवा में गुड बेल संचालक जो कि उत्तराखंड के थे उनको
बहला-फुसलाकर उनसे बिल जमा करने के नाम कई लाख रुपए लेकर और उनके पावर मीटर को जला दिया गया उस समय वे लोग सीजन को समाप्त करके अपने घरों को चले गए जब वह लोग सितंबर 2020 में अपने कारखाने को चलाने के लिए आए तो उस समय के तत्कालिक अधिशासी अभियंता महमूदाबाद ने अपनी पूरी टीम के साथ मियां पुरवा का औचक निरीक्षण किया जिसमें या प्रकरण प्रकाश में आया जिस पर अधिकारियों ने उन सभी गुडबेल संचालकों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जिस पर मियां पुरवा के वे सभी गुडबेल संचालक द्वारा कमालू द्वारा लिए गए रुपए के वीडियो रिकॉर्डिंग सहित लिखित शिकायत अधिशासी अभियंता महमूदाबाद से की गई कमालू के खिलाफ की गई उन सभी की शिकायत को संज्ञान में लेकर तत्कालिक अधिशासी अभियंता महमूदाबाद ने विभागीय जांच करा कर कमालू लाइनमैन को जनवरी 2021 में तत्काल सेवा से बर्खास्त करते हुए इनके विरूद्ध जांच शुरू करा दी तब से या विभाग से बाहर कर दिए थे पिछले कुछ महीनों से कुछ विभागीय अधिकारियों की मेहरबानी एवं कुछ संविदा कर्मियों की नजदीकियों की वजह से विभाग में बिना किसी पद के भी इनके द्वारा थानगांव लाइन पर सुपरवाइजरी का कार्य किया जा रहा है इन्होंने कुछ अपने सहकर्मी लगा रखे हैं जिनका विद्युत विभाग से कोई लेना-देना नहीं है और वह लोग पूरे क्षेत्र में उपभोक्ताओं को निरंतर परेशान करके लाइनों को प्रभावित करके पुनः लाइन को सही करने के नाम पर अवैध वसूली का कार्य करते हैं अभी कुछ दिन पूर्व जोगापुर में रेउसा महमूदाबाद मार्ग के पास ट्रक पलट जाने से एक विद्युत पोल टूट गया था उनके द्वारा उस ट्रक मालिक से ₹18000रु पोल को पुनः स्थापित कर दिया गया जिसका विभाग में कोई स्टीमेट नहीं बना ऐसे ही विद्युत पोल लगा दिया गया!
ए तो चंद उदाहरण है उक्त लाइन मैन के द्वारा उपभोक्ताओं से अवैध वसूली भी की जा रही है!
अब देखना यह है कि पूरा प्रकरण सामने आने के बाद विभाग क्या कार्यवाही करता है या फिर अधिकारियो कि सरपरसती मै अवैध कमाई का खेल जारी रहेगा!












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