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बिना निविदा के प्रकाशन के प्राथमिक विद्यालय की बन रही मानक विहीन बाउंड्रीवाल
(युगाधार समाचार )
👉विकास खण्ड खैराबाद में एडीएम द्वारा गोद लिये गए विद्यालय प्राथमिक विद्यालय उनसिया का मामला
सीतापुर -जहाँ प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए नित्य नए प्रयोग करने के साथ साथ कार्यवाही भी करती है वहीं सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों में जम कर सरकारी धन की लूट मची हुई है और हो भी क्यों न ज़ब जुम्मेदार लोग ही इसमें शामिल हो.
ताज़ा मामला है जनपद के विकास खण्ड खैराबाद के ग्राम पंचायत उनसिया के प्राथमिक विद्यालय में मनरेगा के अंतर्गत बन रही बाउंड्रीवाल का जिसे अपर जिलाधिकारी ने गोद ले रखा है विद्यालय मे मानक एवं गुणवत्ता विहीन बाउंड्री वॉल बनाई जा रही है जो बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड किया जा रहा है क्योंकि बनाई जा रही बाउंड्री वाल की नीव ही मानक विहीन नाम मात्र की भरी गईं है!
वहीं ग्राम पंचायत तो उनसिया में प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्री वाल का निर्माण मनको और स्टीमेट को ताक पर धरकर किया जा रहा है जहाँ नंबर वन की ईटों का प्रयोग करना होता है वही थर्ड क्वालिटी ईटा का प्रयोग का प्रयोगकिया जा रहा है एक भी पिलर सीमेंटेड सरिया व गिट्टी से नहीं बनाया गया है और न ही नीव के ऊपर लेंटर डाला गया है जिससे पठान पर बना रही बाउंड्री वॉल मानक विहीन कमजोर है जो कभी भी पलट सकती है जिसकी चपेट में जाकर वहां पर पढ़ रहे बच्चे भी घायल हो सकते हैं, मौरंग का प्रयोग नाम मात्र किया गया है बालू व मौरंग का अनुपात बराबर होना वहीं प्रधान के द्वारा मानक विहीन चुनाई कराके कमी को छिपाने के लिये उसके ऊपर से प्लास्टर करा दिया गया है मजे की बात तो यह है कि 10लाख रूपये क़ी लागत से बन रहे इस बाउंड्रीवाल के काम का ना ही डिमांड लगाई गईं है और ना ही निविदा का प्रकाशन कराया गया है!
अब सवाल यह उठता है क़ी बिना निविदा के प्रकाशन व कार्य के डिमांड लगाए 10लाख रुपय क़ी लागत से कार्य कैसे हो रहा है!
आखिर किसक़ी अनुमति से ग्राम प्रधान के द्वारा मानक विहीन निर्माण कार्य कराया जा रहा है जबकि इस विद्यालय को स्वयं अपर जिलाधिकारी ने गोद ले रखा है!
आखिर सरकारी जिम्मेदार खंड विकास अधिकारी खैराबाद क्यों जांच करने नहीं जाते क्या कारण है!
जिले के जुम्मेदार अधिकारियो को चाहिए क़ी बिना निविदा प्रकाशन के कराये जा रहे इस कार्य को तत्काल रुकवाकर जांच कराये जिससे विकास के कार्य का पैसा विकास के कार्य में न लगकर ग्राम प्रधान व अन्य के बीच बंदरबाँट होने से बचें!












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