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पूर्व विधायक महेन्द्र यादव के 30 सीतापुर लोकसभा से चुनाव लड़ने की चर्चा से बिगड सकते है चुनाव के परिणाम
( युगाधार समाचार )
सीतापुर-अपनी तेजतर्रार कार्यशैली व जनसमुदाय से दिली लगाव के लिए पहचाने जाने वाले विधानसभा बिसवां से 2017 में भाजपा के सिंबल पर परचम लहराने वाले विधायक जो 2014 के लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए सीतापुर से सटे जनपद हरदोई से आए और जनता के स्नेह के चलते सीतापुर के ही बनकर रह गए। किन्हीं कारणों से 2022 के विधानसभा चुनाव में जातीय विस्तारवादी कारणों से टिकट न मिलपाने के बावजूद भी क्षेत्र में सक्रियता जारी रखते हुए निष्ठापूर्वक भाजपा संगठन का काम इस उम्मीद के साथ देखते रहे कि पार्टी 2014 की मेहनत का फल देगी पर पुनः मायूसी मिलने पर हजारों हितैषी कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज को बुलंद करते हुए सोशल साइट्स के जरिए महेंद्र सिंह यादव के पक्ष में लामबंद हो गए। चर्चाएं बढ़ती देख पूर्व विधायक की चुनाव लड़ने की अभी तक की मौन स्वीकृति के परिणाम आने शुरू हो गए। अब देखने वाली बात ये होगी कि लोकसभा क्षेत्र सीतापुर के तीनो विधानसभा से उठी आवाज क्या सीतापुर की राजनीति में कोई उतार चढ़ाव पैदा करेगी। वैसे गांजर की उपजाऊ भूमि ने सीतापुर की राजनीति में बड़े बड़े फेरबदल किए हैं।
वहीं ओबीसी मतदाताओ के साथ साथ भाजपा मतदाताओ का एक बड़ा हिस्सा महेंद्र यादव के साथ दिखाई दे रहा है!
यदि महेंद्र यादव चुनावी मैदान मे आते हे तो सीतापुर लोकसभा सीट का मुकाबला दिलचस्प हो जायेगा जो कुछ भी परिणाम दिखा सकता है












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