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घोटाले बाज सचिव प्रदीप चौधरी का का नया कारनामा आंगनवाड़ी संचालिका को दिया सरकारी आवास
( युगाधार समाचार )
सीतापुर – वैसे तो जनपद के विकास खण्ड परसेंडी का घोटालो से पुराना नाता है फिर चाहे कराये जा रहे विकास कार्य हो, मनरेगा अंतर्गत कार्य हो या लाभार्थियों को दिये जा रहे आवास व शौचालय की सुविधा!
एक तरफ पात्र लाभार्थी पन्नी के नीचे अपना जीवन बसर करने को मजबूर है वहीं अपात्र लोगों को आवास की सुविधा दी जा रही है!
ताज़ा मामला है सचिव प्रदीप चौधरी द्वारा एक आंगनवाड़ी संचालिका को आवास देने का!
वैसे तो सचिव प्रदीप चौधरी का पुराना घोटाले से नाता रहता है प्रधानों से आधे आधे का हिस्सा लेकर ही कोई कार्य करते है!
वहीं विकासखंड परसेंडी की ग्राम पंचायत अमोरा मोती सिंह पूर्व में आवास लाभार्थी कलेक्टर सिंह को आवास उपलब्ध करा दिया था ।तथा आवास लाभार्थी कलेक्टर सिंह की बेटी सुषमा सिंह को भी आवास उपलब्ध करा दिया है। कलेक्टर सिंह की अकेली बेटी है जिसकी शादी ढोलाई अंबरपूर विकास खण्ड ऐलिया हुई है। चौंकाने वाली बात या भी है अमोरा मोती सिंह में आंगनवाड़ी केंद्र का संचालन करती हैं और सरकारी मानदेय भी प्राप्त करती हैं। सरकारी मानदेय प्राप्त करने वाले लाभार्थी का मनरेगा जॉब कार्ड कैसे बनाया गया या अभी जिम्मेदारों पर सवाल खड़ा करता है। मनरेगा जॉब कार्ड 1/519 षड्यंत्र के तरीके से तैयार किया गया।पीएम आवास नंबर UP141051586 है।अब सवाल यह उठता है कि ज़ब उसकी शादी दूसरी ब्लाक मे हो गईं है तो उसे आवास की सुविधा क्यों दी गईं और यदि इसी ब्लाक के अंतर्गत रह कर आंगनवाड़ी का संचालन करती है और सरकारी मानदेय प्राप्त करती है तो उसका जॉबकार्ड कैसे बन गया और सरकारी आवास की सुविधा क्यों दी गईं, जिससे प्रतीत होता है कि प्रदीप चौधरी ने निजी लाभ लेकर अपात्र को आवास की सुविधा दी है!
वहीं जानकार सूत्र बताते है कि इनके द्वारा नल के रिबोर के नाम पर भी बड़ा घोटाला किया गया है जबकि नलों को ग्रामीणों के द्वारा निजी पैसे को चंदा लगाकर मिस्त्री के माध्यम से बनवाया जाता है!
पूर्व मे घोटालेबाज सचिव लक्ष्मण पर प्रशासन के द्वारा मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है!
अब देखना है कि सचिव प्रदीप चौधरी के कारनामो की जांच होती है या फिर रंगीन पत्ती के रगो के बीच दब जाती है!












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