महमूदाबाद विकास खंड के बेहटी ग्राम पंचायत में हुआ लाखों का घोटाला, कागजों पर सड़क बनाकर निकाल ली लाखों की धनराशि

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महमूदाबाद विकास खंड के बेहटी ग्राम पंचायत में हुआ लाखों का घोटाला, कागजों पर सड़क बनाकर निकाल ली लाखों की धनराशि

👉शिकायत के बाद जिम्मेदारों में मचा हडकंप रात में आधा सैकड़ा मजदूरों का लगा कर बनाई जा रही सड़क

( युगाधार समाचार )

सीतापुर – एक तरफ सरकार गावों के विकास के लिये विभिन्न योजनाए चलाकर बेहतर सिविधाओं के लिये पानी की तरह पैसे बहा रही है वहीं विकास खंण्डो के जुम्मेदार अधिकारी व ग्राम प्रधानों सहित सचिव बिना काम कराये ही कागजो पर विकास कर के लाखो रूपये का सरकारी धन का बंदर बाट कर रहे है वहीं ज़ब मामले की शिकायत शाशन से की जाती है तो आनन फ़ानन मे देर रात्रि को जनरेटर की लाइट मे दर्जनों मजदूरों के सहारे कार्य को कराया जा रहा है!
ताज़ा मामला है सीतापुर महमूदाबाद विकास खंड के बेहटी ग्राम पंचायत में हुआ लाखों का घोटाला, कागजों पर सड़क बनाकर निकाल ली लाखों की धनराशि
शिकायत के बाद जिम्मेदारों में मचा हडकंप मच गया और बीती रात्रि को आधा सैकड़ा मजदूरों का लगा कर सड़क पर इंटरलाकिंग का कार्य किया जा रहा था जो पत्रकारों के कैमरे मे कैद हो गया!
जानकारी के अनुसार विकास खण्ड महमूदाबाद की ग्रामपंचायत बेहटी के मजरे फतिहा पुर मे मनरेगा के अंतर्गत दो इंटरलाकिंग की स्वीकृति हुई जो मुन्नालाल के खेत से सिद्ध बाबा मन्दिर होते हुए बद्री के खेत तक तथा रमेश के खेत से मुन्ना लाल के खेत तक इंटरलाकिंग कार्य होना तथा जिसका बिना कार्य कराये लगभग एक माह पूर्व दोनों इंटरलाकिंग का भुगतान भी हो गया जबकि दोनों इंटरलाकिंग एक ही सड़क है!
जिसकी शिकायत ग्रामीणों के द्वारा शाशन को किया गया जिसकी जाँच मुख्यालय से डीसी मनरेगा द्वारा किया गया और मौके पर कार्य न होकर कागजो पर कार्य करके भुगतान निकाला जाना पाया गया जिसपर खण्ड विकास अधिकारी के द्वारा जांच अधिकारी को मिठाई भी खिलाई गईं और मामला रफा दफा करने का दबाव बनाया गया परन्तु शिकायत शाशन तक होने से जांच अधिकारी ने अपने हाथ खडे कर लिये!
जिससे बीती 7/8 की रात्रि को आनन फ़ानन मे जनरेटर की लाइट मे दर्जनों मजदूरों के द्वारा सड़क को बनाया जा रहा था जिसकी जानकारी मीडिया को हो गईं मौके पर पहुंचने पर उन्हें भी धमकाने का कार्य किया गया!
अब सवाल उठता है कि ज़ब कोई कमी नहीं थी तो देर रात्रि को जनरेटर की लाइट मे कार्य कराने की क्या जरूरत थी, बिना इंटरलाकिंग कार्य कराये कैसे भुगतान हो गया क्या खण्ड विकास अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम सचिव, रोजगार सेवक व अन्य जुम्मेदार कर्मचारियों ने ग्राम प्रधान के साथ सरकारी धन का बंदर बाँट नहीं किया, और एक ही सड़क को दो तरफ से अलग अलग पहचान से दर्शा कर पैसे निकाल लिये गए!
सीतापुर तेजतर्रार व ईमानदार जिलाधिकारी को चाहिए कि उक्त प्रकरण की किसी अन्य जांच एजेंसी से निष्पछ जांच कराये जिससे सरकार का लाखो रूपये हजम करने वालों पर कार्यवाही हो सके, वहीं जानकार सूत्र बताते है यह प्रकारण तो मात्र एक उदाहरण है ऐसे दर्जनों प्रकरण है जो जांच के बाद सामने आ सकते है!

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