स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से फर्जी क्लीनिक में डॉक्टर बाट रहे मौत

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स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से
फर्जी क्लीनिक में डॉक्टर बाट रहे मौत

👉अवैध क्लीनिक बिना डिग्री कर रहे बडी बडी बीमारियों का दावे के साथ इलाज

(युगाधार समाचार)

सीतापुर -जनपद के विकास खंड सकरन के साडा में अवैध रूप से क्लीनिक संचालित है। क्लीनिक के बहुचर्चित झोलाछाप डॉक्टर जो कि निदान हास्पिटल ,ए स ए म हास्पिटल बना चर्चा का विषय आये दिन होती रहती मौतें एक क्लीनिक बजार में स्थित दूसरी क्लीनिक टावर के सामने संचालित है और बहुत सारे क्लिनिक कस्बे में स्थित है जिसमें झोलाछाप डॉक्टर मरीजों के साथ कर रहे खिलवाड़ न कोई डिग्री न लाइसेंस इन डॉक्टर की वजह से आए दिन जाती है लोगों की जान आखिरकार स्वास्थ्य विभाग अधिकारी कब देंगे इन झोलाछाप डॉक्टरों पर ध्यान और देखा जाए तो लगभग कई दर्जन बिना डिग्री फर्जी सर्जन से आपरेशन कराते हैं बेखौफ होकर धड़ल्ले से क्लीनिक चला कर बडी बडी बिमारियों का इलाज करते है। और मरीजों से इलाज के नाम पर मोटी रकम खींच कर बीमारियों को ठीक करने का दावा करता है। फर्जी क्लीनिक की बात की जाए तो मेन रोड और मेन चौराहे पर ही देखे जा सकते हैं जो सुबह नौ बजे से रात आठ बजे तक सज कर तैयार रहते हैं और मरीजों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ करते हैं। डिग्री के बारे में अगर डॉक्टरों से जानकारी ली भी जाती है तो संतोषजनक जवाब ना देते हुए इधर उधर बात कराकर सिफारिश लगा दी जाती है।चल रहे अवैध तरीके से अस्पतालों की बात कही जाए तो कोई अनुभव के तौर पर ईलाज कर रहा है तो कोई तुक्का मार कर मरीजों को ठीक कर देता है। इस तरीके के इलाज से मरीजों को आराम मिला तो ठीक है वरना दूसरी जगह दिखा दो कह कर बीमारियों का ईलाज करते हैं। कोई अंग्रेजी दवाइयों से बीमारियों का ईलाज करते मरीजों को मजबूरी में क्लीनिक में इलाज के लिए जाना पड़ता है। अवैध क्लिनिकों के साथ ही कुछ इस तरीके से स्टोर भी चल रहें हैं दवाइयां भी देखने को मिल ही जाती है। वहीं पर चंद पैसों के लालच में आकर दवा सप्लाई करने वाले कमीशन खोर दवाइयों की सप्लाई भी करते हैं। और अपनी तिजोरी भरने के साथ अवैध क्लिनिकों को संरक्षण देकर बढ़ावा देते हैं।
लगातार शिकायत करने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ता है। कहने को तो भले ही बोल देते हैं कि अवैध अस्पतालों पर कार्यवाही की जाएगी लेकिन फिर दो दिन के अंदर ही ठीक उसी तरह मामला साठ गांठ करके अवैध कारोबार चालू हो जाता है। इतने बड़े साजिश का जिम्मेदार आखिर कौन है अब देखना यह होगा की अधिकारी खबर पर संज्ञान लेकर क्या करवाई करते हैं

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