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शासन से संतोषजनक वार्ता के बाद ग्राम सचिवों का चरणबद्ध सत्याग्रह आंदोलन स्थगित

👉संसाधन उपलब्ध होने के बाद ही लगेगी ऑनलाइन उपस्थिति-डॉ प्रदीप सिंह

👉सचिवों की शैक्षणिक योग्यता स्नातक एवं ग्रेड पे संशोधित करने पर विचार करे सरकार- सुभाष चंद्र पांडेय

(युगाधार समाचार)

लखनऊ-ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली के विरोध सहित विभिन्न विभागीय समस्याओं पर विगत एक पखवाड़े से चल रहा क्षेत्रीय ग्राम सचिवों का प्रदेश व्यापी सत्याग्रह आंदोलन निदेशक पंचायती राज उत्तर प्रदेश से संतोषजनक वार्ता के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संघ के शीर्ष पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में सहमति बनने पर अग्रिम कार्यवाही तक स्थगित कर दिया गया।
निदेशक पंचायती राज द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने के संदर्भ में प्रतिनिधि मंडल से वार्ता के दौरान बताया गया कि पंचायत सचिवालय निर्माण की मूल भावना के अनुरूप समस्त ग्राम स्तरीय विभागों के कर्मचारियों की एक साथ बैठकर कार्य करने एवं उपस्थित की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु शासन की मंशा के अनुरूप ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने की प्रक्रिया शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन है जिससे ग्रामीण जनता को एक ही स्थान पर समस्त विभागों की सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इस संदर्भ में शीघ्र ही ग्राम सचिवों की मांग पर उन्हें सरकारी एंड्राइड मोबाइल सेट, लैपटॉप, सीयूजी सिम तथा केंद्रीय वित्त के प्रशासनिक मद से डाटा भत्ता हेतु धनराशि की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाएगी। ग्राम सचिवों के लिए अप्रासंगिक हो चुके साइकिल भत्ते के स्थान पर शासन से मोटरसाइकिल भत्ता हेतु विभागीय प्रत्यावेदन भेजा जाएगा। डोंगल से भुगतान की जटिल प्रणाली को केंद्र एवं राज्य के दो दर्जन से अधिक अलग-अलग सॉफ्टवेयर को संकलित कर एकल विंडो प्रणाली हेतु तकनीक विकसित की जाएगी। फार्मर रजिस्ट्री, एग्री स्टेक सर्वे, फैमिली आईडी, हेल्थ कार्ड,गौशाला,पीएम सूर्यघर, पराली प्रबंधन, आवारा पशु पकड़ने आदि विभिन्न दूसरे विभागों के कार्यों को क्षेत्रीय ग्राम सचिव से नहीं कराने हेतु शासन एवं संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा। रिजवी समिति की अनुशंसा पर ग्राम सचिव की शैक्षणिक योग्यता संवर्धित करके स्नातक एवं वेतन मैट्रिक्स लेबल- 05 करने हेतु पुन: वित्त एवं कार्मिक विभाग में प्रत्यावेदन प्रेषित किया जाएगा। मनरेगा में 22 अगस्त 2022 को जारी शासनादेश को ग्राम पंचायत स्तर पर क्रियान्वयन हेतु तथा शासकीय क्षति में डोंगल लगाने के लिए सक्षम अधिकारियों की भी सहभागिता सुनिश्चित कराने हेतु प्रभावशाली कार्यवाही करायी जाएगी। प्रदेश के समस्त जनपदों में मनरेगा की ऑडिट एक्ट के अनुरूप स्थानीय लेखा परीक्षक से न करा कर सामाजिक अंकेक्षण से कराने तथा परफॉर्मेंस ग्रांट की तरह चार्टर्ड अकाउंटेंट का विकल्प देने की मांग पर भी संतोष जनक वार्ता हुयी।
शासन से सकारात्मक, सार्थक एवं कर्मचारी हितैषी वार्ता के बाद ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी संवर्ग के शीर्ष नेतृत्व द्वारा बैठक के बाद संयुक्त सहमति से प्रदेश स्तर पर विगत एक पखवाड़े से चल रहे विभिन्न विभागीय समस्याओं पर ध्यानाकर्षण सहित संसाधन हेतु सत्याग्रह आंदोलन को अगले कार्यक्रम तक स्थगित करने की घोषणा किया।
केंद्रीय बैठक में डॉ प्रदीप सिंह, सुभाष चंद्र पांडेय, नागेंद्र प्रताप कुशवाहा, रमेश उदैनिया, सूर्यभानु राय, जितेंद्र यादव, जितेंद्र गंगवार,अनिल कुमार यादव, दुर्गा प्रसाद राय, संतोष कुमार, ललित कुमार, मो. नसीम खान, राघवेंद्र सिंह आदि प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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