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श्री अन्न उपजाएँ, आरोग्यता और आय बढ़ाएँ -उप कृषि निदेशक
👉 मिट्टी हमारी माँ समान, इसका करें सम्मान –प्राकृतिक और श्री अन्न उगाएँ किसान
(युगाधार समाचार )
सीतापुर – उपसंभागीय कृषि भवन-सिधौली प्रांगण में दो दिवसीय मिलेट्स उत्पादन कार्यशाला का किया गया आयोजन।
किसानों को सिखाए गए, श्री अन्नों की खेती के गुरइसके साथ साथ
कुपोषण उन्मूलन एवं वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में श्री अन्नों की उपयोगिता पर की गयी चर्चा
मिट्टी हम सभी की माँ के समान है, किसान भाइयों के लिए तो आजीविका का साधन भी है,लेकिन दिनों-दिन बदलते परिवेश में उर्वरक और रसायनों के अंधा-धुंध उपयोग के कारण इसकी पोषण और गुणवत्ता नष्ट हो रही। माँ की तरह पोषण करने वाली इस जीवनदायिनी मिट्टी का हम सबको माता की तरह ही सम्मान करना चाहिए ।
रासायनिक उर्वरक और अन्य रसायनों का कम से कम उपयोग, खेतों में पराली न जलाना और प्राकृतिक खेती अपनाकर हम अपनी धरती माँ को समृद्ध बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान दे सकते हैं । यह बातें कृषि विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय मिलेट्स उत्पादन कार्यशाला में किसानों को संबोधित करते हुए विधायक सिधौली मनीष रावत द्वारा कही गईं।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र अंबरपुर तथा कटिया के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को श्री अन्नों की खेती तथा इसकी उपयोगिता के विषय में प्रशिक्षित किया गया । उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि श्री अन्नों जैसे ज्वार, बाजरा, सांवा,कोदों,रागी, मड़ुवा,काकुन की खेती किसानों को समृद्ध बना सकती है । श्री अन्नों का रोग और कीटों से कम प्रभावित होना, उर्वरक की कम खपत, कम समय में तैयार हो जाना श्री अन्नों का प्रमुख गुण है जिससे इनकी उत्पादन लागत बहुत कम हो जाती है जो इसे मुनाफे का सौदा बनाती है ।
उन्होंने बताया कि श्री अन्नों के पोषण गुणों के कारण पूरी दुनिया में श्री अन्नों की मांग बढ़ी है जिससे आगामी समय में इसका मूल्य तेजी से बढ़ेगा ।
कार्यक्रम में सांसद मोहनलाल गंज प्रतिनिधि राकेश पाण्डेय, विधायक सिधौली मनीष रावत, कृषि विज्ञान केन्द्र अंबरपुर से डा0 वी0के0 सिंह के साथ ही उप कृषि निदेशक सीतापुर सहित कृषि एवं आनुषंगिक विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे ।












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